'कुन फाया कुन' कुरान शरीफ की एक आयत 'यासीन शरीफ' से लिया गया है जिसका मतलब है जब दुनिया में कुछ नहीं था तो खुदा ने दुनिया से कहा हो जा और वो हो गयी यानि जब कुछ नहीं था तब भी खुदा था और जब कुछ नहीं होगा तब भी खुदा होगा........या मौला हमे नेकी की राह पर चलने की तौफिक दे.......आमीन|
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कदम बढ़ा ले हदों को मिटा ले
आजा खाली पल में पी (पिया) का घर तेरा
तेरे बिन खाली आ जा खालीपन में
कुन फाया कुन फाया कुन
जब कहीं पे भी नहीं था
वही था, वही था
वो जो मुझमें समाया
वो जो तुझमें समाया
मौला वही-वही माया
रंगरेज़ा रंग मेरा तन मेरा मन
ले ले रंगाई चाहे तन चाहे मन
सजरा सवेरा मेरे तन बरसे
कजरा अँधेरा तेरी जलती लौ
कतरा मिला जो तेरे दर बरसे
मुझपे करम सरकार तेरा अरज तुझे
कर दे मुझे मुझसे ही रिहा
अब मुझको भी हो दीदार मेरा
कर दे मुझे मुझसे ही रिहा
मन के मेरे ये भरम
कच्चे मेरे ये करम
लेके चले हैं कहाँ
मैं तो जानूँ ही ना
तू है मुझमें समाया
कहाँ लेके मुझे आया
मैं हूँ तुझमें समाया
तेरे पीछे चला आया
तेरा ही मैं एक साया
तूने मुझको बनाया
मैं तो जग को न भाया
तूने गले से लगाया
हक तू ही है खुदाया
सच तू ही है खुदाया
कुन फाया कुन फाया कुन

वाकई यह गीत बहुत सुंदर है...शुक्रिया इसे साझा करने के लिये!
जवाब देंहटाएंतहे -तहे दिल से आपका शुक्रिया जो आपने इस नज़्म को पढवाया . सुना और देखा तो बहुत बार था पर पढ़ कर उस जहाँ में जाना अलग ही सुकून दे रहा है .
जवाब देंहटाएंगीत के बारे में अच्छी जानकारी ...
जवाब देंहटाएंये गाना तो मैं रोज़ एक बार ज़रूर सुनता हूँ।
जवाब देंहटाएंआपका तहे दिल से शुक्रिया इसके बोल यहाँ साझा करने के लिए।
सादर
शुक्रिया...सुनने में कुछ शब्द समझ नहीं आ रहे थे,अब आ गए हैं
जवाब देंहटाएंसुन्दर गीत.. बहुत सुन्दर...
जवाब देंहटाएंbahot bahot shukriya iske lyrics saajha karne ke liye.....aaj ke daur ka behtareen gana....
जवाब देंहटाएंHiii
हटाएंसचमुच...! आश्चर्य इतना उम्दा कलाम... और पहली बार सुन रहा हूँ....
जवाब देंहटाएंसूफियाना अंदाज में रहमान साहिब का तो जवाब ही नहीं... सादर आभार, इमरान भाई....
maine picture nahin dekhi...lekin taareef suni hai...shayad bhavishy main dekhun ...tab tak gaana sun kar hi aanand leti hun....shukriya sufiana andaaz ka....!
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर गीत है, मुझे भी बहुत पसंद है...रूह को सुकून देने वाला... साझा करने के लिए शुक्रिया....
जवाब देंहटाएंसुंदर अर्थपूर्ण बोल..... आभार
जवाब देंहटाएं@ शुक्रिया आप सभी लोगों का |
जवाब देंहटाएंबहुत ही अलग व्याख्या ... नया अंदाज़ सामने आता ही गीत का ...
जवाब देंहटाएं...शुक्रिया।
जवाब देंहटाएंअभी भी सुन रहा हूँ....इतना प्यारा पहले नहीं लगा था।
जवाब देंहटाएंजब कहीं पे कुछ भी.....कुछ लिखने से छूट गया है।
रूहानी रंग में डूबी , रूह को सुकून देता एक खूबसूरत ख़याल !!!!
जवाब देंहटाएंbahut sundar geet hai...
जवाब देंहटाएंapne ise shabdo me likha....
isake liye thanks....
शुक्रिया..एक अच्छे गीत को और उसके सार को पेश करने के लिए.
जवाब देंहटाएंInexplicable fantastic.... Thanks to all
जवाब देंहटाएंमैं सूफी गानों की बहुत ज़्यादा मुरीद हूँ, करीब तीन साल से इस गाने को सुन रही हूँ। सुनकर दिल को बेहद सुकून मिलता है लेकिन मतलब जानने की बेचैनी आज खत्म हुई है। शुक्रिया
जवाब देंहटाएंIkdm sahi baat same here
हटाएंगाने का मतलब समझ आ गया, रूह की बेचैनी खत्म हो गई।
जवाब देंहटाएंha
हटाएंVery nice
जवाब देंहटाएंBeshak Allah Jo Chahta He Wo Ho Jata He
जवाब देंहटाएंIs Aayat Ka Yahi Matlab He..Kun Faya Kun
Beshaq
हटाएंBeshaq
हटाएंWaah
जवाब देंहटाएंmashaallah
जवाब देंहटाएंBehtriin lafz
जवाब देंहटाएंMucic k sath dil ko sukkun dene wala gana
Beshaq allah se pehle kuch na tha aur jab sab khatam ho jaayega tab bhi allah hi rahega mujhe namaz me jo suqun milta hai aesa suqun jo jhooti tension se dur karta hai aur yeh sochne ko majboor karta hai ki rab-bul-aalamin hi hai jiski marzi se sab hota hai to tension kis baat ki allah ki shaan me likha ye qalam bahut suqun deta hai aur ruh ko uski taraf modta hai
जवाब देंहटाएंBeshaq jab kuch nh tha wo tha or jab kuch nahi hoga toh bhi wo hoga..iss geet se jude sabhi logo ka bahut bahut shukriya. Or upar wala sabhi pe apna karam banaye rakhe.
जवाब देंहटाएंबहोत बहोत सुक्रिया 💐💐💐..
जवाब देंहटाएंआचार्य प्रशान्त जी (ग्रेटर नोएडा) ने इसका अर्थ जानने के लिए प्रोत्साहित किया था ।
जवाब देंहटाएंAtma Evam parmatma Ka bodh
जवाब देंहटाएंKrane Ka Sundar prayas .
Hearttouching Always Listen
जवाब देंहटाएंकोई यूं ही रूह में नही समा जाता। यह समाया ,यही सबब था
जवाब देंहटाएंIrshad kamil sir ko bahut bahut dhanyvad dil se
जवाब देंहटाएंKun faaya kun Allah jo chahata hai vo ho jatad hai bershka..
जवाब देंहटाएंबहुत मीठा गीत है, जब पहली बार सुना था तभी मन को भी गया था लेकिन कुन फाया कुन का अर्थात नही पता था आपको साधुवाद अर्थ बहाने के लिए।
जवाब देंहटाएंBahut badhiya qwalli hai ji... Khuda hi sab jagah hai, isme koi jhuth Nahi hai... I love this song
जवाब देंहटाएंसुफियाना अंदाज़ का जबाब नहीं ,,
जवाब देंहटाएंबेहतरीन ,,
हर राेज, पाच बार जबतक ना सुनू,खाना नही खाया जाता
जवाब देंहटाएंKun Faaya Kun Ka Matlab Sure Yaseen Me Last Me Hai Kun Faaya Kun Iske Tarjuma Allhah Ne Hukm Kiya Aur Wo Ho Gayi
जवाब देंहटाएंMast
जवाब देंहटाएंबहुत खोजा इस गीत को हिंदी में समझने के लिए तब जाकर आपका पोस्ट मिला और पढा ओर दिल को बहुत सुकून मिला बहुत अच्छा गीत है और इरशाद कामिल साहब को मेरा नमन है कि उन्होंने इतना सुंदर गीत लिखा 🙏🙏 ओर आपको भी को आपने इस गीत हिंदी में पोस्ट किया ।🙏🙏
जवाब देंहटाएंलाजवाब हे ये गीत
जवाब देंहटाएंसीधे खुदा भगवान से मिलने की अनुभूति कराता है
और मय इससे कुछ ज्यादा बया नहीं कर सकता
Mashaallah
जवाब देंहटाएंबर्कल कालेज के स्टेज पर ए.आर.रहमान की टीम से सुनिए दुसरा नवोदित यूट्युबर मैथिली ठाकुर की आवाज में सुनिए आपकी सुफी संगीत के प्रति इच्छा जाग जयेगी
जवाब देंहटाएंसारे कॉमेंट देखकर मुझे बहुत खुशी हो रही है
जवाब देंहटाएंसच में हमारे भारत जेसा कोई देश नहीं है 🌹
Lajawab
जवाब देंहटाएंBe misal hai
जवाब देंहटाएंbahut badhiya hai lyrics
जवाब देंहटाएंShandaar
जवाब देंहटाएंKitni sukuniyat hai gane mei 💐
hello
जवाब देंहटाएंapne bhaut he achi jankari di hai but jaisa ki mai dekh raha hu ki kun faya kun ka matlab kisi kisi ko samaj nhi aaya to maine ek post attach ki hai vo log ye pad k uska matlab pata kar sakte hai. https://helplok.com/kun-faya-kun-meaning/
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