जज़्बात...दिल से दिल तक

एक दरिया है ये जज़्बातों का जिसमे लफ़्ज़ों की किश्तियाँ तैरती हैं........... जज़्बात मेरे.....तुम्हारे और हम सबके......एक ज़रिया जिससे जज़्बातों का ये सैलाब एक दिल से दूसरे दिल की दहलीज़ तक पहुँच जाए......लफ़्ज़ों की किश्ती पर सवार ......आओ डूब जाएँ जज़्बात के इस दरिया में.......

अगस्त 11, 2026

सच्चा दोस्त

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दोस्तों आप सभी को सलाम अर्ज़ करता हूँ। आज लगभग 10 सालों के बाद इस ब्लॉग पर पोस्ट कर रहा हूँ। कुछ तो ज़िन्दगी की मसरूफियात रही हैं कुछ वक्त की ...
सितंबर 29, 2016

ज़िल्लत

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खर्च करते हैं जो अपना माल ख़ुदा की राह में उनको ज़िन्दगी में कभी किल्लत नहीं होती, और करते हैं जो अपने बुज़ुर्गों की इज़्ज़त इस जहा...
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सितंबर 26, 2016

सावन

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पल-पल बदलता है जीवन मौसम हो जैसे धूप ही धूप है बस, छाँव कुछ ही अरसा है बहार फ़क़त तेरी आँखों का इक धोखा है ये वो सावन है जो मेरी आँ...
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मई 08, 2015

दौर-ए-गर्दिश

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लगता है सुलझाने में ही बीतेगी तमाम उम्र  उलझी है जिंदगी किसी सवालात की तरह, ज़ाहिर करता है ऐसे पहचानता नहीं मुझे  मिलता है हर...
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दिसंबर 09, 2014

रात

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दोस्तों, आप सबको सलाम अर्ज़ है । गुस्ताखी की माफ़ी के साथ अर्ज़ है कि लाख कोशिशों के बावजूद वक़्त नहीं निकल पा रहा हूँ ताकि आप सब दोस्तों क...
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मैं क्या हूँ ?

इमरान अंसारी
मैं क्या हूँ ? कुछ भी तो नहीं....सिवाय ज़मीन पर पड़ी उस खाक के सिवा जिसका ज़र्रा ज़र्रा आफ़ताब की रौशनी का मोहताज है.....मैं क्या हूँ ? कुछ भी तो नहीं.....
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