जज़्बात- दिल से दिल तक

एक दरिया है ये जज़्बातों का जिसमे लफ़्ज़ों की किश्तियाँ तैरती हैं........... जज़्बात मेरे.....तुम्हारे और हम सबके......एक ज़रिया जिससे जज़्बातों का ये सैलाब एक दिल से दूसरे दिल की दहलीज़ तक पहुँच जाए......लफ़्ज़ों की किश्ती पर सवार ......आओ डूब जाएँ जज़्बात के इस दरिया में.......

सितंबर 22, 2026

आ ! नंगे पैर रेत पर चलें

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मेरी आवाज़ में ये ग़ज़ल सुनें पॉडकास्ट में   आ ! नंगे पैर रेत पर चलें खुशबू से हवाओं में घुलें ,   बाँसुरी की तान पर झूमें आहिस्ता से...
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सितंबर 01, 2026

जज़्बात — दिल से दिल तक : एक ब्लॉग से किताब तक

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कुछ सफ़र मंज़िल तक पहुँचने के लिए नहीं , बल्कि अपने पीछे छूटे हुए रास्तों को फिर से देखने के लिए भी होते हैं। साल 2010 में मैंने ये ब्लॉग ...
अगस्त 12, 2026

सच्चा दोस्त

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दोस्तों आप सभी को सलाम अर्ज़ करता हूँ। आज लगभग 10 सालों के बाद इस ब्लॉग पर पोस्ट कर रहा हूँ। कुछ तो ज़िन्दगी की मसरूफियात रही हैं कुछ वक्त की ...
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सितंबर 29, 2016

ज़िल्लत

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खर्च करते हैं जो अपना माल ख़ुदा की राह में उनको ज़िन्दगी में कभी किल्लत नहीं होती, और करते हैं जो अपने बुज़ुर्गों की इज़्ज़त इस जहा...
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सितंबर 26, 2016

सावन

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पल-पल बदलता है जीवन मौसम हो जैसे धूप ही धूप है बस, छाँव कुछ ही अरसा है बहार फ़क़त तेरी आँखों का इक धोखा है ये वो सावन है जो मेरी आँ...
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इमरान अंसारी
मैं क्या हूँ ? कुछ भी तो नहीं....सिवाय ज़मीन पर पड़ी उस खाक के सिवा जिसका ज़र्रा ज़र्रा आफ़ताब की रौशनी का मोहताज है.....मैं क्या हूँ ? कुछ भी तो नहीं.....
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