जज़्बात- दिल से दिल तक

एक दरिया है ये जज़्बातों का जिसमे लफ़्ज़ों की किश्तियाँ तैरती हैं........... जज़्बात मेरे.....तुम्हारे और हम सबके......एक ज़रिया जिससे जज़्बातों का ये सैलाब एक दिल से दूसरे दिल की दहलीज़ तक पहुँच जाए......लफ़्ज़ों की किश्ती पर सवार ......आओ डूब जाएँ जज़्बात के इस दरिया में.......

जुलाई 25, 2013

एकालाप

›
प्रिय ब्लॉगर साथियों, आज पहली बार हिंदी में कविता लिखने का प्रयास किया है......आपके समक्ष  ये कविता आलोचना के लिए भी प्रस्तुत है आप पा...
39 टिप्‍पणियां:
जुलाई 16, 2013

आज

›
मैं डरा-डरा सहमा सा  शाम के धुंधलके में.........  जैसे ही अपने 'आज' को  पोटली में समेटकर  चार कोस आग...
37 टिप्‍पणियां:
जुलाई 06, 2013

बारिश

›
आज फिर आई थी बारिश  हर बार की तरह.......... मेरी खिड़की के दरवाज़ों पर, बहुत देर तक खटखटाती रही अन्दर तक आ जाने के लिए, ...
37 टिप्‍पणियां:
जून 25, 2013

रंगीन तितली

›
दोस्तों, अभी कुछ ही दिन पहले मैं एक ऐसे लड़के को जानता था जिसने आत्महत्या कर ली........उसी वाकये को मैंने यहाँ शब्दों में ढालने की कोश...
23 टिप्‍पणियां:
जून 17, 2013

तू ही तो है माँ....

›
प्रिय साथियों, कुछ दिनों की निजी मसरूफियत के चलते नेट-जगत से दूरी सी बनती जा रही है इसके लिए आप सबसे माफ़ी का तलबगार हूँ........उम्मीद...
32 टिप्‍पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
इमरान अंसारी
मैं क्या हूँ ? कुछ भी तो नहीं....सिवाय ज़मीन पर पड़ी उस खाक के सिवा जिसका ज़र्रा ज़र्रा आफ़ताब की रौशनी का मोहताज है.....मैं क्या हूँ ? कुछ भी तो नहीं.....
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.