अगस्त 12, 2026

सच्चा दोस्त

दोस्तों आप सभी को सलाम अर्ज़ करता हूँ। आज लगभग 10 सालों के बाद इस ब्लॉग पर पोस्ट कर रहा हूँ। कुछ तो ज़िन्दगी की मसरूफियात रही हैं कुछ वक्त की किल्लत। एक लम्बे अरसे के बाद ब्लॉग को खोलकर देखा तो यकीन जानिए कि इतनी खुशी हुई कि ये अभी भी लाइव है और लोग जुड़े हैं। ये ब्लॉग हमेशा से मेरे दिल के करीब और खास रहा है। 

आप सभी दोस्तों के नाम आज ये कविता पेश है। कविता का शीर्षक है 'सच्चा दोस्त'। हमेशा की तरह आपकी अमूल्य टिप्पणियों और सुझावों का इंतज़ार रहेगा। पूरी कोशिश रहेगी कि ये सिलसिला आगे भी यूँ ही चलता रहे।

अच्छा जिसका नसीब होता है, दोस्त उसके करीब होता है,

जो साथ हँसता और रोता है, सच्चा दोस्त वही होता है, 

राह में पड़ते हो काँटे अगर, हटा के उन्हें फूल वो बोता है

दिल गर कभी उदास हो तो, साथ अपना भी चैन खोता है,


होती हैं जब आँखें गम से नम, दोस्त भी पलकें भिगोता है,

जब दुनिया पराई सी लगती है, बनके साया साथ होता है , 

बचपन की शरारते हों या जवानी की समझाइशें

हर घड़ी साथ रहता है और सबको ही ढोता है

 

कमियाँ हमारी वो सामने हमारे ही बतलाता है

राह गलत अगर लगे तो सही राह दिखाता है 

कभी रूठ जाए अगर कहीं, तो झट मान भी जाता है

कोई जो पूछे तो कह दूँ, दोस्त ऐसा ही होता है 

© इमरान अंसारी 


4 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" बुधवार 19 अगस्त 2026 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  2. जारी रखें लिखना | शुभकामनाएं |

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