नवंबर 06, 2026
ग़ज़ल - आवाजें । Hindi Ghazal - Aawazen | Life Poetry | Zindagi Shayari | Life Lessons
अक्टूबर 25, 2026
ग़ज़ल - शोर | Ghazal - Shor | Hindi Shayari | Poetry #ghazal
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अक्टूबर 20, 2026
अशआर - इज़्ज़त (Izzat) - Hindi Urdu Shayari | ज़िंदगी शायरी | Zindagi Shayari
खर्च करते हैं जो अपना माल ख़ुदा की राह में
उनको ज़िन्दगी में कभी किल्लत नहीं होती,
और करते हैं जो अपने बुज़ुर्गों की इज़्ज़त
इस जहाँ में कभी उनकी ज़िल्लत नहीं होती,
© इमरान अंसारी
अक्टूबर 14, 2026
ग़ज़ल - पत्थर का शहर । Ghazal- Patthar ka Shahar | Hindi Ghazal | Hindi Shayari | Zindagi Shayari
नदी
के किनारे खड़ा मगर है
मर
रहा प्यास से वो शजर है,
राह
तो मंज़िल को सीधी जाती है
उलझनों
में अपनी फंसा बशर है,
इतरा
के ज़मीं पे चलते जो कभी
देख!
उनका हुआ क्या हशर है,
एक
नहीं चलती है इंसान की
होता
जब भी नाज़िल कहर है,
बोझ
है सीने में गुनाहों का
झुकी
इसलिए ही नज़र है,
मिलता
है तुझे वो गले तपाक से
संभल
के, भरा
सीने में ज़हर है,
काँच
के एहसास तेरे ‘इमरान’
याद
रहे! ये पत्थर का शहर है,
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अक्टूबर 04, 2026
सूफियाना अशआर - इबादत । हिंदी शायरी ।
कैसे बांध सकेगा तू! बंदे हर चीज़ आनी-जानी है,
नहीं रहेगा कुछ कायम यहाँ हर शय फ़ानी है,
बिता ले इबादत में इसे चार दिन की ज़िंदगानी है
आज ही आज है फ़क़त कल तो बस कहानी है,
© इमरान अंसारी
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