अक्टूबर 20, 2026

अशआर - इज़्ज़त (Izzat) - Hindi Urdu Shayari | ज़िंदगी शायरी | Zindagi Shayari

 


खर्च करते हैं जो अपना माल ख़ुदा की राह में

उनको ज़िन्दगी में कभी किल्लत नहीं होती,

और करते हैं जो अपने बुज़ुर्गों की इज़्ज़त

इस जहाँ में कभी उनकी ज़िल्लत नहीं होती,


© इमरान अंसारी 


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