फ़रवरी 11, 2014

प्यार और प्यार

दोस्तों,

आप सभी का शुक्रिया जो 'चल यार मनाएंगे' आपको पसंद आई । कुछ लोगों ने कहा और खुद मुझे भी लगा कि इसे धुन में पिरो कर गुनगुनाने लायक बनाना चाहिए । तो एक छोटा सा प्रयास किया जिसे आप यहाँ (विडियो यू ट्यूब पर ) देख सकते है |
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फरवरी का गुलाबी मौसम
फिजाओं में महकती फूलों की खुशबू  
तन-मन को गुदगुदाती बसंती बयार  
हर तरफ फैला हुआ एक खुमार
कुछ और नहीं बस प्यार और प्यार,

अनगिनत परिभाषाएं,असंख्य अभिव्यक्तियाँ
फिर भी अनकहा सा,  अनसुलझा सा 
सिर्फ मेरे और तुम्हारे अनुभव पर आधारित 
कहाँ बाँध सका कोई इसे शब्दों में 
कहाँ कह सका कोई इसे जुबां से
दिल से दिल तक बंधा एक तार 
कुछ और नहीं बस प्यार और प्यार,



14 टिप्‍पणियां:

  1. सच में प्यार यही है...बहुत सुन्दर प्रस्तुति...

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  2. बहुत सुंदर भाव। मेरे नए पोस्ट पर आपका इंतजार रहेगा।

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  3. फ़रवरी का गुलाबी मौसम....... बस प्यार ही प्यार...... बहुत सुंदर प्रस्तुति ...!! चल यार मनाएंगे ..को बहुत बढ़िया आवाज दी आपने .

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  4. बहुत सुंदर जज़्बात ...सुंदर अलफाज ...!!

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  5. बिलकुल सच कहा भाई प्यार तो बस प्यार है
    सुन कर सुंदर लगा
    खुदा की नेमत आप पर हमेशा सलामत रहे

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  6. बहुत खुबसूरत रचना अभिवयक्ति.........

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  7. पूरे दिल से गाया है आपने चल यार मनायेंगे. अच्छा लगा आपकी आवाज़ सुनकर.

    प्रेम को सचमुच हर समय शब्द की ज़रुरत नहीं होती अभिव्यक्ति के लिए. सुन्दर रचना.

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  8. बस प्यार ही प्यार. सुन्दर एहसास.

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  9. और क्या ?... और क्या ? प्यार के सिवा..

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  10. प्रस्तुति प्रशमसनीय है। मेरे नरे नए पोस्ट सपनों की भी उम्र होती है, पर आपका इंजार रहेगा। धन्यवाद।

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  11. सीमाएं .. दिशाएँ .... सब कुछ व्यर्थ है .. प्रेम को बांधना और कैद करना बहुत ही मुश्किल है ...
    अच्छा लगा गीत भी ..

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  12. प्रेम को अत्यंत कोमलता और सहजता से परिभाषित करती रचना !

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जो दे उसका भी भला....जो न दे उसका भी भला...