अक्तूबर 22, 2012

मैं क्या हूँ ?


प्रिय ब्लॉगर साथियों, 

24.10.2012 को अपनी 28वीं सालगिरह के मौके पर इस खुबसूरत दुनिया में अपनी जिंदगी का एक और साल बिताने पर खुदा का शुक्रगुज़ार हूँ......पिछले एक साल में जिंदगी ने बहुत कुछ सिखाया......बहुत कुछ खोया, बहुत कुछ पाया.....खैर ये क्रम तो चलता ही रहता है मायने ये रखता है की हमने क्या सीखा?.......इस पोस्ट के माध्यम से आप सभी दोस्तों का दिल से शुक्रगुज़ार हूँ जो अपना कीमती वक़्त इस ब्लॉग को देते हैं और हौसलाफजाई करते है........दोस्तों मेरे हक में दुआ करें की खुदा मुझे नेक राह पर चलने की तौफिक दे.....आमीन। तो पेश-ए-खिदमत है इस मौके पर ये एक नज़्म.....कोई कमीबेशी हो तो ज़रूर बताएं -


मैं क्या हूँ ?
कुछ भी तो नहीं...... 

सिवाय ज़मीन पर पड़ी 
उस खाक के, 
जिसका ज़र्रा ज़र्रा 
आफ़ताब कि रौशनी 
का मोहताज है.......

मैं क्या हूँ ?
कुछ भी तो नहीं..... 

सिवाय उस बहते 
दरिया के जो,
कभी किसी रोज़ 
सागर में मिलने 
को बेताब है........

मैं क्या हूँ ?
कुछ भी तो नहीं..... 

सिवाय उस अलमस्त 
फकीर के जिसके 
पाँवों में काँटे हैं 
और लबो पर खुदा से 
मिलन कि आस है.....

मैं क्या हूँ ?
कुछ भी तो नहीं...... 

सिवाय आसमां के उस 
तारे के जो खुद भी चमकने 
को महताब कि रोशनी 
का मोहताज है......

मैं क्या हूँ ?
कुछ भी तो नहीं.....

सिवाय उस हिना के
जो खुद को मिटा के 
बनती महबूब के हाथों 
     की ज़ीनत-ओ-आब है....

मैं क्या हूँ ?
कुछ भी तो नहीं...... 

सिवाय उस गुलाम के
जिसका सर झुकता है
उसके आगे जो,
       सारे जहाँ का सरताज है...... 

मैं क्या हूँ ?
कुछ भी तो नहीं...... 
  

42 टिप्‍पणियां:

  1. ईश्वर तुम्हें लम्बी उम्र दे..हर लम्हें को इसी एहसास के साथ जीने का हौसला दे, तू ही तू तू ही तू, मैं कुछ भी नहीं.. का भान रहे..लेखनी में जान रहे..तुम्हारी कुछ अलग पहचान रहे..सदा खुश रहो भाई इमरान..तुम्हें जन्म दिन की ढेर सारी बधाइयाँ।

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. दिल से आपका बहुत बहुत शुक्रिया देव बाबू....आप बड़ों का आशीर्वाद बना रहे....आमीन।

      हटाएं
  2. जन्मदिन की ढेरों बधाई.

    उत्तर देंहटाएं
  3. हूँ तो पर होने का इल्म नहीं ..... इस तरह होना ही ज़िन्दगी है, शुभकामनायें आशीष

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. बहुत बहुत शुक्रिया रश्मि जी आपका.....ऐसे ही स्नेह बनाये रखें ।

      हटाएं
  4. हीरा कभी अपनी कीमत पहचानता नहीं,
    कभी और से पूछी होती अपनी कीमत.

    ..जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें!

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका कैलाश जी.....ये आपकी ज़र्रानवाज़ी है ।

      हटाएं
  5. बहुत ही अच्छी रचना..जन्मदिन की
    बहुत -बहुत बधाई....
    और ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ...
    :-)

    उत्तर देंहटाएं
  6. जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें... मैं तो कुछ भी नहीं का अहसास ही खास बनाता है....

    उत्तर देंहटाएं
  7. विनम्रता के रस में सराबोर सुन्दर भावनाएँ...ईश्वर आपको सदैव खुश रखें ...जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ

    उत्तर देंहटाएं
  8. ख़ुद की खूबियों को काबिले-तारीफ ढंग से प्रस्तुत करती रचना ....
    ख़ुदा आपको लम्बी उम्र दे .......
    आपकी सारी मुरादें पूरी हो ......
    जन्मदिन की ढ़ेड़ो आशीर्वाद -प्यार और शुभकामनाएं ..... :))

    उत्तर देंहटाएं
  9. मैं क्या हूँ , कहते क्या क्या नहीं बता दिया ...
    अच्छी लगी पंक्तियाँ !
    बहुत बधाई और शुभकामनायें !

    उत्तर देंहटाएं
  10. tum kuchh nahi to ban k dikha do kuchh to....
    vo hina, vo chaand, vo sitara, vahi zarra jo aaftaab ki roshni pa le,vahi dariya jo samundar me milne se pehle kitno ko zindgi de jata hai,vahi fakeer jo khuda se milan ki chaah rakhta hai(ek saccha insan).

    janmdin ki hardik shubhkaamnaayen.

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. बहुत बहुत शुक्रिया अनामिका जी बहुत सुन्दर शब्दों में टिप्पणी दी आपने ।

      हटाएं
  11. जन्मदिन की शुभकामनायें...... जीवन को शब्दों में समेटना भी आसान नहीं..... सुंदर लिखा है....

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. बहुत बहुत शुक्रिया मोनिका जी....सही कहा आपने ।

      हटाएं
  12. janmdin ki bhaut-bhaut shubhkaamnaaye.....bhaut kuch ho ker bhi kuch na hone ka ehsaas hi khaas bana deta h apko....

    उत्तर देंहटाएं
  13. सस्नेह, जन्म दिन की हार्दिक बधाई शुभकामनाए,,,,,ईश्वर लंबी उम्र दे,,,,

    विजयादशमी की हादिक शुभकामनाये,,,
    RECENT POST...: विजयादशमी,,,

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. बहुत बहुत शुक्रिया धीरेन्द्र जी।

      हटाएं
  14. Der hi sahi hamare taraf se bhi janmdin ki dheron shubhkamnaye.....

    Sadar

    उत्तर देंहटाएं
  15. कोई बात नहीं देर आयद दुरुस्त आयद.....शुक्रिया मंटू।

    उत्तर देंहटाएं
  16. जन्मदिन की बधाई इमरान साहब....

    उत्तर देंहटाएं
  17. सिवाय उस अलमस्त
    फकीर के जिसके
    पाँवों में काँटे हैं
    और लबो पर खुदा से
    मिलन कि आस है.....

    क्या बात है !!!

    चूँकि मैंने भी 21 तारीख को 28 वीं सालगिराह मनाई है तो इसलिए बड़े होने के नाते ये आशीष तो दे ही सकती हूँ की आपको देर से ही सही, जन्मदिन की बधाई और ज़िन्दगी की तमाम खुशियाँ मिले !!!

    और वक़्त लगे तो कभी मेरी पोस्ट पढिये

    चार दिन ज़िन्दगी के ..........
    बस यूँ ही चलते जाना है !!

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. कोई बात नहीं देर आयद दुरुस्त आयद......हाँ ३ दिन बड़ी होने के नाते आशीष देना बनता है आपका :-))..........दिल से शुक्रिया आपका।

      हटाएं
  18. देर से ही सही - जन्म दिन की ढेरों बधाइयां और शुभकामनाएं।

    उत्तर देंहटाएं
  19. जन्म दिन की अनेकानक बधाइयाँ...और आप क्या हैं...अपने दोस्तों से पूछिए ...!

    उत्तर देंहटाएं
  20. इमरान, जन्मदिन पर ढेरों बधाईयां ! बहुत खूबसूरत नज्म है..खुदा को ऐसे ही बन्दों की तलाश रहती है..जैसे वह खुद कुछ भी नहीं है और सब कुछ है..

    उत्तर देंहटाएं
  21. खुद की तलाश की राह पर खुद के वजूद के सवाल को ईमानदारी से रु-ब-रु करती रचना बहुत ही सुन्दर बन पड़ी है.. अब अगले साल की बधाईयाँ.. एडवांस में..

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. हा हा हा.....अभी तो यही साल चल रहा है अमृता जी कोई बात नहीं देर आयद दुरुस्त आयद|

      हटाएं
  22. इमरान भाई , बहुत अच्छा लिखते हैं आप .....बहुत अच्छी लगी आपकी यह रचना.आप कुछ नहीं हो सकते हैं लेकिन आप की रचना में बहुत कुछ है.

    निहार

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. बहुत बहुत शुक्रिया निहार जी.....हमारे ब्लॉग पर आने का और हौसला अफजाई करने का....ऐसे ही स्नेह बनाये रखें :-)

      हटाएं

जो दे उसका भी भला....जो न दे उसका भी भला...